जी.एल. बजाज के ‘दिवाली हाट’ में दिखी सांस्कृतिक विरासत

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छात्र-छात्राओं ने रंगीला राजस्थान की प्रस्तुति से लूटी महफिल


मथुरा। जी.एल. बजाज ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, मथुरा के प्रबंधन अध्ययन विभाग और ई-सेल द्वारा “दिवाली हाट 2025” का आयोजन किया गया जिसमें छात्र-छात्राओं ने उत्साह और उमंग के बीच दीपावली के आध्यात्मिक संदेश “अंधकार पर प्रकाश, असत्य पर सत्य और अज्ञान पर ज्ञान की विजय” को सजीव रूप में प्रस्तुत कर सभी की वाहवाही लूटी। दीपोत्सव भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। इसी भाव को दिवाली हाट में छात्र-छात्राओं ने अपनी कल्पनाशीलता से चरितार्थ करने का प्रयास किया।
शुक्रवार को जी.एल. बजाज परिसर मनभावन रंगों तथा दीपों की रोशनी से जगमगा उठा। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने “रंगीला राजस्थान” कार्यक्रम में राजस्थान की पारम्परिक लोक संगीत, नृत्य प्रस्तुतियों तथा कला-संस्कृति की झलक प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। छात्र-छात्राओं द्वारा निर्मित कलाकृतियों, क्षेत्रीय व्यंजनों एवं पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों से सजे विभिन्न स्टॉल्स ने दिवाली हाट उत्सव का आनंद कई गुना बढ़ा दिया।
छात्र-छात्राओं ने इन स्टॉल्स के माध्यम से अपने साथियों को स्थायित्व और उद्यमशीलता को बढ़ावा देने का संदेश भी दिया। यह आयोजन छात्र-छात्राओं के लिए एक उत्कृष्ट अनुभवात्मक शिक्षण मंच सिद्ध हुआ, जहां उन्होंने अपनी रचनात्मकता, टीमवर्क और नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन किया। इस अवसर ने उन्हें इवेंट मैनेजमेंट, संचार कौशल एवं व्यावसायिक दृष्टिकोण एवं व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया।
संस्थान की निदेशक प्रो. नीता अवस्थी ने विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों को दीपावली त्योहार की बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत सशक्त होती है बल्कि छात्र-छात्राओं में सामूहिकता, नेतृत्व और आयोजन कौशल का भी विकास होता है। प्रो. अवस्थी ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में उद्यमशीलता के गुणों को विकसित करते हैं। इतना ही नहीं उन्हें रचनात्मकता के साथ व्यावहारिक सोच से जोड़ने को भी प्रेरित करते हैं। प्रो. अवस्थी ने कहा कि दिवाली का असली अर्थ प्रत्येक भारतीय के जीवन से अंधेरे को मिटाना है।
विभागाध्यक्ष प्रबंधन अध्ययन डॉ. शशि शेखर ने आयोजन की सराहना की और कहा कि दीपावली का त्योहार परिवार के साथ भारतीय परम्परागत धार्मिक रूप से मनाएं एवं दीपावली पर प्राकृतिक मिट्टी से बने दीयों का ही प्रयोग करें ताकि आसपास के पर्यावरण को शुद्ध रखा जा सके। उन्होंने प्रदूषण रहित दीपावली मनाने के लिए सभी छात्र-छात्राओं का आह्वान किया।
सोनिया चौधरी, स्तुति गौतम और पारुल जैन (सहायक प्राध्यापक, प्रबंधन अध्ययन विभाग) के मार्गदर्शन में आयोजित दिवाली हाट 2025 भारतीय संस्कृति और परम्परा की समृद्धि का उत्सव साबित हुआ। दिवाली हाट से छात्र-छात्राओं को व्यवसाय, विपणन और उद्यमशीलता के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने का संदेश भी मिला।

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