ऊंचाहार रेलवे स्टेशन पर जीआरपी तैनात होने के बावजूद यात्री जान जोखिम में डालकर कर रहे रेलवे ट्रैक पार

रायबरेली ब्यूरो धीरेंद्र शुक्ला की रिपोर्ट

रायबरेली । ऊंचाहार रेलवे स्टेशन इन दिनों बिना परमिट और बिना नंबर के अवैध ई-रिक्शा और टैंपो का अड्डा बन गया है। यह स्थिति न केवल यात्रियों के लिए खतरा बन रही है, बल्कि कानून व्यवस्था और सरकारी राजस्व को भी बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा रही है। इन अवैध वाहनों के चालक अक्सर यात्रियों से मनमाना किराया वसूलते हैं और कई बार नोंक झोंक जैसी घटनाओं को भी अंजाम दे चुके हैं। ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। लेकिन इसके बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं दिख रहा है। स्थानीय लोगों और यात्रियों का आरोप है कि परिवहन विभाग (आरटीओ) का इन अवैध गतिविधियों पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं है। रेलवे के अधिकारियों के इस ओर ध्यान न देने के चलते सरकार राजस्व के नुकसान के साथ ही किसी दिन बड़ी घटना घट सकती है। रेलवे के अधिकारियों समेत स्थानीय प्रशासन के ध्यान न देने से इसका सीधा असर सरकारी राजस्व पर पड़ रहा है, क्योंकि ये वाहन बिना किसी पंजीकरण या परमिट के चल रहे हैं। व्यक्तिगत वाहनों का टैक्सी के रूप में उपयोग भी आम हो गया है, जिससे नियमों का उल्लंघन हो रहा है। रेलवे स्टेशन के बाहर ई-रिक्शा और टेम्पो की बेतरतीब पार्किंग के कारण अक्सर यातायात जाम की स्थिति बन जाती है। ये वाहन पूरी सड़क को घेर लेते हैं, जिससे यात्रियों, राहगीरों और स्थानीय निवासियों को आने-जाने में भारी परेशानी होती है। चौंकाने वाली बात यह है कि इन अवैध रूप से खड़े वाहनों से अवैध वसूली भी की जा रही है। यह वसूली किसी आरपीएफ जीआरपी और स्वयं कुछ टैक्सी चालकों द्वारा की जाती है, जो बाद में किसी और को भी पैसा देते हैं। यह गंभीर स्थिति ऊंचाहार रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा और सुचारु आवागमन पर सवाल खड़े करती है। प्रशासन और संबंधित विभागों को इस अवैध अड्डे पर तत्काल कार्रवाई करने की आवश्यकता है ताकि यात्रियों को सुरक्षित और परेशानी मुक्त यात्रा अनुभव मिल सके और सरकारी राजस्व के नुकसान को भी रोका जा सके। यही नहीं रेलवे स्टेशन पर जीआरपी के जवान तैनात होने के बावजूद यात्री अपनी जान जोखिम मे डालकर रेलवे ट्रैक पार कर रहे हैं। एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर जाने के लिए सीढ़ियों का इस्तेमाल न करके ट्रेन आने पर जल्दबाजी के चक्कर में यात्री सीधे ट्रैक पार कर रहे हैं। जो उनके लिए खतरे की घंटी साबित हो रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि किसी दिन कोई बड़ी अप्रिय घटना हो सकती है। इस सम्बन्ध में स्टेशन अधीक्षक विनोद त्रिपाठी से सम्पर्क करने का प्रयास किया गया तो उसने सम्पर्क नहीं सका है।

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