रायबरेली ब्यूरो धीरेंद्र शुक्ला की रिपोर्ट
रायबरेली जिले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा लिए गए खाद्य पदार्थों के नमूनों की प्रयोगशाला से रिपोर्ट आई है, लगभग छः महीने पहले लिए गए इन नमूनों में पनीर तथा नमकीन जैसे दैनिक उपयोग के खाद्य पदार्थ अधोमानक और मिथ्या छाप पाएं गये है। रिपोर्ट के आधार पर विभाग अब मिलावट खोरों दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है।
खाद्य विभाग की टीम ने जून 2025 में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया था जिसके तहत संदिग्ध दुकानों के नमूनों को लिया गया था हरचंदपुर के जगदीशपुर चौराहा स्थित जितेन्द्र पुत्र सहदेव की दुकान से 17 जून 2025 को पनीर का नमूना लिया गया था जांच के दौरान प्रयोगशाला में यह पनीर अधोमानक पाया गया है , जिसका अर्थ है, कि इसमें निर्धारित मानकों के अनुरूप वसा व अन्य तत्वों की कमी पाई गई है।
इसी प्रकार हरचंदपुर बाजार में संतोष पुत्र लखपत की दुकान से 6 जून 2025 को राजभोग ब्रांड की नमकीन का नमूना लिया गया था जांच में यह नमकीन न केवल अधोमानक पाई गई हैं, बल्कि इसे मिथ्या की श्रेणी में रखा गया है , इसका तात्पर्य यह है कि उत्पादन की पैकिंग में दी गई जानकारी भ्रामक पाई गई हैं।
रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद खाद्य विभाग अब इन दुकानदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी में हैं। विभाग द्वारा इन्हें नोटिस जारी करने भारी जुर्माना लगाने और अन्य विभागीय कार्रवाई करने की प्रक्रिया की जाएगी।
खाद्य अधिकारी चेतराम प्रजापति ने बताया कि खाद्य पदार्थों में मिलावट सीधे जनमानस के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है,लैब रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।





