ऊंचाहार/रायबरेली । जिस्म के धंधे जैसा घिंघौना कार्य अब बड़े बड़े शहरों से निकलकर ऊंचाहार जैसे छोटे स्थान पर भी फैल गया है । यहां कहने तो ठहरने के लिए होटल है , किंतु इसके आड़ में ऐसा अनैतिक खेल हो रहा है जो एक सभ्य समाज के लिए धब्बा है । ये होटल नहीं जिस्म की आग बुझाने का अड्डा है । यह खेल वर्षों से चल रहा है ।
यह सारा खेल ऊंचाहार के सलोन रोड के किनारे एनटीपीसी के सामने स्थित एक होटल में चल रहा है । यहां पर गांव की लड़कियों को प्रलोभन देकर लाया जाता है और उनकी आबरू के साथ खेल होता है । उसके बाद उन्हें सुरक्षित पहुंचा दिया जाता है । इसके लिए ग्राहक अच्छी खासी रकम खर्च करते हैं। जिस्म की आग बुझाने के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने इस होटल को अपना अड्डा बना रखा है । सामने एनटीपीसी का पावर प्लांट है , औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण यहां की चकाचौंध गरीब तबके को आकर्षित करती है । चंद रुपए के लिए इस वर्ग की लड़कियां अपने परिजनों से झूठ बोलकर बहाने से यहां पहुंचती है । करीब एक साल पहले एक पुलिस अधिकारी के इस होटल में चेकिंग की तो एक दिन 75 लोगों की इंट्री पाई गई । जिससे यह साबित होता है कि होटल के कमरे घंटों के हिसाब से बुक किए जाते है । एक कमरा दिन में आठ से दस बार बुक होता है।
पुलिस की बंद है आंखें
ऊंचाहार में खुलेआम हो रहे इस अनैतिक कार्य में पुलिस की आंखें बंद है । होटल संचालक इस अवैध कारोबार से अच्छी खासी रकम कमाता है , जिसकी कुछ छोटे पुलिस को आंख में भी पड़ती है , जिसके कारण पुलिस को कुछ भी गलत नजर नहीं आया , बल्कि जानबूझकर पुलिस आंखे बंद किए हुए है।





