विद्यालयों में मनमानी चरम पर
रायबरेली की ऊंचाहार में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) योजना के तहत विद्यालयों की कथित मनमानी को लेकर शिक्षा विभाग से जानकारी मांगी गई है, अभिभावक के द्वारा आरटीआई डालकर कुल 7 बिंदुओं पर जानकारी मांगने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है, उन्हें इस वर्ष भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा फिर भी उनका आवेदन निरस्त कर दिया गया ।
शिकायतकर्ता ने बताया कि पिछले वर्ष भी उनका आवेदन यह कहकर निरस्त कर दिया गया था कि विद्यालयों की सीटें भर चुकी हैं । इस वर्ष भी उन्हें कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा और उनका आवेदन प्रथम चरण में कराने के बाद भी भी निरस्त कर दिया गया ।
हर वर्ष आरटीई पोर्टल आमतौर पर 1 दिसंबर से खुल जाते हैं लेकिन इस वर्ष यह 2 फरवरी को चालू किया अभिभावक ने बताया कि 2 फरवरी को साइबर कैफे से अपने बच्चों का आवेदन करवाया तो ऊंचाहार देहात क्षेत्र के केवल चार विद्यालय ही पोर्टल पर प्रदर्शित हो रहे थे । एनटीपीसी परिसर स्थित डीएवी,चिन्मया, सरस्वती, ऊंचाहार स्थित एसजेएस जैसे अन्य प्रमुख विद्यालय पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं हो रहे थे ।
मजबूरी में अभिभावक नहीं घर से दूर एक विद्यालय में अपने बच्चों के प्रवेश के लिए आवेदन किया हालांकि दूसरे चरण की शुरुआत के पहले ही जब अभिभावक ने आवेदन की स्थिति जांची गई तो उसे फिर से यह कहकर विद्यालय द्वारा निरस्त कर दिया गया कि विद्यालय की सीटें भर चुकी हैं ।
इस मामले को लेकर पीड़ित अभिभावक ने टोल फ्री नंबर 1076 सहित आइजीआरएस पर शिकायत दर्ज कराई है, इसके अतिरिक्त उन्होंने 27 फरवरी 2026 दिन शुक्रवार समय करीब दोपहर के 1:30 बजे शिक्षा विभाग से सात बिंदुओं पर आरटीआई के माध्यम से जानकारी मांगी है इस आरटीआई के बाद शिक्षा विभाग में गहमागहमी का माहौल है ।





