संस्कृति विवि में हुए हेकाथन 2026 ने छूईं नई बुलंदियां

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मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय के संतोष मैमोरियल आडिटोरियम में स्पार्क हेक 2026 का समापन समारोह संपन्न हुआ। संस्कृति विश्वविद्यालय द्वारा अपने यहां आयोजित किए गए इस हेकाथन में गहन कोडिंग और विचार-मंथन द्वारा रचनात्मक समाधान के उद्देश्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। इस प्रतिस्पर्धा में देशभर की विभिन्न शिक्षण संस्थाओं की कुल 88 टीमों के 315 विद्यार्थियों ने भाग लिया, जिसमें 231 छात्र और 84 छात्राएं शामिल हुईं। स्पार्क हेक 2026 का पहला पुरुस्कार जीएल बजाज की टीम ने, दूसरा संस्कृति विवि की टीम ने तथा तीसरा पुरुस्कार कोटा के राजस्थान विवि की टीम ने जीता। समापन समारोह में इन टीमों को चेक और उपहार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डा.सचिन गुप्ता ने कहा कि ये शुरुआत है हम आगे भी मिलते रहेंगे। हमारा जज्बा कायम रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि हार-जीत मायने नहीं रखती है मायने रखता है ऐसी प्रतियोगिताओं में भाग लेते समय आपका आत्मविश्वास। पहली बार में ही इतना अच्छा उत्साहजनक परिणाम देखते हुए हमने निर्णय लिया है कि हम इस मिशन को जारी रखेंगे। सबसे बड़ी बात है कि आपकी सफलता से आपके माता-पिता का नाम रौशन होता है। अपने माता-पिता के साथ ही आप अपने कालेज और देश का भी नाम रौशन करते हैं। उन्होंने एक शेर पढ़ते हुए कहा कि कुछ बदले या न बदले लेकिन जब हम ठान लेते हैं तो अपनी तकदीर को बदल सकते हैं।
संस्कृति विवि के कुलपति प्रो. एमबी चेट्री ने देशभर से आकर इस प्रतिस्पर्धा में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि आपने लगातार 24 घंटे चली इस प्रतिस्पर्था में अपने ज्ञान और परिश्रम का जो प्रदर्शन किया है वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि हमारे कुलाधिपत डा. सचिन गुप्ता चाहते हैं कि इस तरह के आयोजन सालाना स्तर पर होते रहने चाहिए। जो प्रतियोगिता में विजयी नहीं हुए हैं वो लूसर नहीं कहे जाएंगे, वास्तविकता में देखा जाय तो वो गेनर हैं, जिन्होंने इस प्रतियोगिता में आकर वो अनुभव हासिल किया जो कहीं और नहीं मिलता। संस्कृति विवि के प्रति कुलपति प्रो. रघुराम भट्ट ने इस आयोजन से जुड़ी सभी टीमों के प्रतिनिधियों को धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिताओं में सभी नहीं जीतते लेकिन उनका बड़ा महत्व होता है जो प्रतियोगिता में भाग लेते हैं।
इस मौके पर आयोजन से जुड़ी हेक ब्रिवेन की टीम, संस्कृति विव की स्टूडेंट काउंसिल के अध्यक्ष यश श्रीवास्तव को भी उनके सहयोग के लिए सम्मानित किया गया। बताते चलें कि इस प्रतियोगिता में अजय कुमार गर्ग इंजीनियरिंग कॉलेज, गाजियाबाद, एकेटीयू, लखनऊ , अलीगढ़ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, अरावली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट, बीबीडीएनआईटी, भगवान परशुराम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, चंडीगढ़ विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ विश्वविद्यालय, लखनऊ, चंडीगढ़, चंडीगढ़ विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश, सीएसजेएम विश्वविद्यालय, दयालबाग संस्थान, गगन कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, गलगोटिया विश्वविद्यालय, जीजीएसआईपीयू, दिल्ली, जीएल बजाज, मथुरा, जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा, हिंदुस्तान कॉलेज ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, आईआईटी जोधपुर, आईआईटी मद्रास, आईएमएसईसी, गाजियाबाद, जेबी नॉलेज पार्क, केआईईटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन, एलएनसीटी भोपाल, इंदौर, मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड स्टडीज, राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी, कोटा, संस्कृति यूनिवर्सिटी, सेंट एंड्रयूज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, फर्रुखनगर, गुरुग्राम, विक्रांत यूनिवर्सिटी, ग्वालियर की टीमों ने भाग लिया। कार्यक्रम का कुशल संचालन संस्कृति एचएम विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर शुभांगी सक्सैना ने किया।
वहीं विवि प्रशासन द्वारा जानकारी दी गई है कि तीन दिवसीय संस्कृति स्पार्क 2026 मौसम विभाग की भविष्यवाणियों को देखते हुए दो अप्रैल के स्थान पर तीन अप्रैल से पांच अप्रैल के बीच होगा।

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