संस्कृति विवि ने रूस की लॉ युनिवर्सिटी से किया करार, खुलेंगे नए द्वार

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मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय और कुताफिन मॉस्को स्टेट लॉ यूनिवर्सिटी (एमएसएएल), रूस के बीच एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक साझेदारी स्थापित करते हुए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह समझौता दोनों संस्थानों के बीच शिक्षा, अनुसंधान और वैश्विक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
संस्कृति विवि प्रशासन ने जानकारी देते हुए बताया कि इस समझौते के अंतर्गत दोनों विवि के बीच अतिरिक्त व्यावसायिक शिक्षा के लिए संयुक्त कार्यक्रमों का विकास एवं कार्यान्वयन, संयुक्त अनुसंधान और वैज्ञानिक-शैक्षिक परियोजनाओं का आयोजन, शिक्षण एवं प्रशासनिक कर्मचारियों के लिए संयुक्त शैक्षणिक व मेथोडोलॉजिकल परियोजनाएं, शिक्षण सहायक सामग्री और व्याख्यान पाठ्यक्रमों की तैयारी और प्रकाशन, संयुक्त ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन स्कूलों, सेमिनारों, सम्मेलनों और संगोष्ठियों का आयोजन, रूसी और विदेशी छात्रों के लिए संयुक्त शैक्षणिक कार्यक्रमों का संचालन, जिनमें विजिटिंग मॉड्यूल, इंटर्नशिप और बिजनेस मिशन शामिल हैं, किया जाएगा।
आनलाइन संपन्न हुए इस समझौते को लेकर संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) एम. बी. चेट्टी ने कहा कि यह समझौता ज्ञापन हमारे छात्रों और शिक्षकों के लिए वैश्विक अवसरों का द्वार खोलेगा। हम एमएसएएल के साथ मिलकर काम करने को लेकर अत्यंत उत्साहित हैं। एमएसएएल की अंतर्राष्ट्रीय सहयोग निदेशक, अन्ना अलेक्सांद्रोवना प्रीखोद्को ने इस मौके पर कहा कि हम संस्कृति विश्वविद्यालय के साथ इस साझेदारी को लेकर बेहद आशान्वित हैं। यह सहयोग दोनों संस्थानों के लिए दीर्घकालिक लाभ प्रदान करेगा। एमएसएएल के रेक्टर विक्टर व्लादिमीरोविच ब्लाज़ेव ने भी इस साझेदारी को सकारात्मक बताते हुए इसका समर्थन किया।
संस्कृति विश्वविद्यालय में वैश्विक भागीदारी के प्रमुख, प्रो. रतीश कुमार ने बताया कि यह सहयोग हमारे अंतरराष्ट्रीयकरण प्रयासों को नई दिशा देगा और छात्रों को वैश्विक परिप्रेक्ष्य से सीखने का अनमोल अवसर प्रदान करेगा। यह सहयोग दो देशों के शैक्षणिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करेगा और वैश्विक शिक्षा में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।

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