रायबरेली ब्यूरो धीरेन्द्र शुक्ला की रिपोर्ट
ऊंचाहार रायबरेली। तहसील क्षेत्र के ग्राम रसूलपुर में कानून को ताक पर रखकर निर्माण कार्य किए जाने का मामला सामने आया है। उपजिलाधिकारी (SDM) न्यायालय द्वारा विवादित भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने के सख्त आदेश के बावजूद, विपक्षी पक्ष द्वारा निर्माण कार्य बंद नहीं किया गया है।
क्या है पूरा विवाद?
मामला ग्राम रसूलपुर की गाटा संख्या 1281 से जुड़ा है, जो सलोन-मानिकपुर मार्ग के किनारे स्थित होने के कारण अत्यंत कीमती है। इस जमीन को लेकर श्रीमती कलावती बनाम अल्पना सरोज का वाद संख्या 1847/2026 न्यायालय में लंबित है। वादिनी का आरोप है कि प्रतिवादी पक्ष दबंगई के बल पर सड़क की तरफ अवैध निर्माण कर रहा है, जिससे भविष्य में जमीन के बंटवारे में बाधा आएगी।
कोर्ट ने रोक लगाई, पर काम नहीं रुका
बीते 2 अप्रैल को एसडीएम न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आदेश पारित किया था कि मौके पर अग्रिम आदेश तक कोई भी पक्ष किसी भी प्रकार का निर्माण या खुदाई नहीं करेगा। कोर्ट ने विपक्षी पक्ष को नोटिस जारी कर 24 अप्रैल की तारीख तय की है।
प्रशासनिक चुप्पी पर उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि कोर्ट का स्टे ऑर्डर होने के बाद भी निर्माण कार्य का जारी रहना पुलिस और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाता है। वादिनी पक्ष का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया, तो न्यायालय के आदेश का कोई अर्थ नहीं रह जाएगा।
मुख्य बिंदु:
विवादित स्थल: ग्राम रसूलपुर, गाटा संख्या 1281
कोर्ट का आदेश: मौके पर यथास्थिति (स्टे) बनाए रखें।
उल्लंघन: स्टे के बावजूद दिन-दहाड़े चल रहा है निर्माण।
