रायबरेली के ऊंचाहार क्षेत्र के मकवापुर स्थित विद्यालय में नौनिहालों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते जिम्मेदार आपको जानकर हैरानी होगी कि विद्यालय में न तो कोई बिल्डिंग का निर्माण किया गया और न ही विद्यालय की बाउंड्री वॉल का निर्माण विद्यालय पूरी तरह से खेतों के बीच एक टीन शेड में संचालित किया जा रहा है, और तो और विद्यालय में बच्चों के शौचालय में गंदगी का अम्बार लगा है, बजबजाता शौचालय जिसमें ऐसा लगता है, कि सालों से सफाई नहीं हुई है, नौनिहालों को पढ़ाने के लिए जो टीन शेड भी टूटा हुआ फर्नीचर टूटा हुआ सब कुछ विद्यालय में सामने ही पड़ा है, जिसको साफ-साफ वीडियो में देखा जा सकता है, पड़ताल कर रही मीडिया के कैमरे में कैद विद्यालय में सभी टीचर कुर्सी पर बैठे हुए आपस में बातचीत करते नजर आए हैं और विद्यालय में पढ़ने वाले नौनिहाल खेलते नजर आए , सरकार की स्वच्छता अभियान मिशन को यह विद्यालय तो जैसे चिढ़ाने का काम कर रहा है।
विद्यालय के कारनामे सुनकर आप हो जाएंगे हैरान
विद्यालय में कक्षा पांच तक की कक्षाएं संचालित की जाती है, पर विद्यालय हाईस्कूल तक चलाया जाता हैं, लेकिन विद्यालय में केवल एक टीन शेड में कक्षा पांच तक क्लास संचालित की जाती है।
विद्यालय की कैसे खुली पोल विद्यालय में पढ़ने वाला छात्र ऊंचाहार कोतवाली क्षेत्र के राजापुर मजरे ऊंचाहार देहात का निवासी है, छात्र आशीष परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद रोजगार की तलाश में गुजरात चला गया और अब वापस लौटा और अपनी मार्कशीट लेने विद्यालय पहुंचा ।
छात्र ने स्कूल प्रिंसिपल पर लगाएं गम्भीर आरोप
छात्र ने बताया स्कूल के प्रिंसिपल ने छात्र से दो वर्षों की अतिरिक्त फीस की मांग शुरू कर दी और धमकी भी दी जबकि छात्र आशीष का दावा है, कि उसकी फीस केवल और केवल चार से पांच महीनों की बकाया है,जब पीड़ित छात्र ने विरोध किया तो डराया – धमकाया गया परेशान होकर छात्र ने ऊंचाहार कोतवाली में लिखित शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।
इस सम्बन्ध में बात करने के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी को फोन किया गया लेकिन बात नहीं हो पाई।





