
102 ग्राम पंचायत मानकों को पूरा कर टीबी मुक्त
जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायतों के प्रधानों को किया सम्मानित
मथुरा 29 मार्च/ विश्व क्षय रोग दिवस के उपलक्ष्य में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में बीएसए कॉलेज के श्यामा चरण स्मृति सभागार में सम्मान समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें 102 ग्राम पंचायत के प्रधानों को प्रशस्ति पत्र और गांधीजी की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया गया। इस समारोह में जनपद मथुरा की उन ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों को सम्मानित किया गया जिन्होंने क्षय रोग (टीबी) के खिलाफ इस लड़ाई में अभूतपूर्व योगदान दिया है।
जिलाधिकारी ने सभी ग्राम प्रधानों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी लोग गांवों को स्वच्छ रखने के लिए मिलकर प्रयास करें जिससे कि टीबी या अन्य कोई भी बीमारी न फैले और सभी जनपदवासी स्वस्थ्य रहें। साथ ही उन्होंने अपील की कि ब्रज की धार्मिक नगरी मथुरा के वृन्दावन, दाऊजी, बरसाना, नंदगांव और गोवर्धन जैसे स्थलों पर कई धार्मिक मेले लगते हैं, जिनमें लाखों श्रद्धालु आते हैं, जिनके मन में ब्रज की रज के लिए बहुत सम्मान है, अगर ब्रज की गलियां, सड़के, पार्क और सभी गांव स्वच्छ होंगे तो सभी के मन में पवित्रता के साथ गर्व की भावना भी होगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि
यह सिर्फ एक पड़ाव है, मंजिल नहीं। हमें अभी और प्रयास करने हैं ताकि जनपद की हर ग्राम पंचायत टीबी मुक्त हो सके। यह हमारा सामूहिक दायित्व है कि हम इस बीमारी को जड़ से खत्म करें। आज का यह सम्मान समारोह हमें नई प्रेरणा देगा कि हम एकजुट होकर इस लक्ष्य को प्राप्त करें।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अजय कुमार वर्मा ने बताया कि हमारे यहाँ टीबी की जाँच, उपचार और रोगियों की सफलता दर में लगातार सुधार हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अथक प्रयासों और समुदाय के सहयोग से हमने टीबी के मामलों की शीघ्र पहचान, प्रभावी उपचार और रोगियों के ठीक होने की दर में उल्लेखनीय प्रगति की है। यह हमारी संयुक्त मेहनत का सकारात्मक परिणाम है।
टीबी मुक्त ग्राम पंचायत कार्यक्रम का उद्देश्य हमारे गाँवों को टीबी से पूरी तरह मुक्त करना है। इसके लिए कुछ आवश्यक सूचकांक निर्धारित किए गए हैं, जैसे टीबी के नए मामलों का शून्य होना, मरीजों का पूर्ण उपचार, और समुदाय में जागरूकता व रोकथाम के उपायों का प्रभावी कार्यान्वयन। सीएमओ ने कहा कि हमें गर्व है कि इस वर्ष जनपद मथुरा में कुल 102 ग्राम पंचायतों ने इन मानकों को पूरा कर टीबी मुक्त का दर्जा हासिल किया। इनमें से 78 ग्राम पंचायतों को ब्रॉन्ज मेडल और 24 को सिल्वर मेडल से सम्मानित किया जा रहा है । यह उपलब्धि पिछले वर्ष 2023 की तुलना में एक बड़ी उपलब्धि है, जब हमने 54 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया था। उन्होंने कहा कि यह सफलता आम सहभागिता के बिना संभव नहीं थी। चाहे वह ग्रामवासी हों, स्वास्थ्य कर्मी हों, प्रशासन या ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि इस अभियान की रीढ़ हैं। सभी ने जागरूकता फैलाने, मरीजों को प्रोत्साहित करने और उपचार प्रक्रिया में सहयोग देकर इस मुहिम को सफल बनाया है।इस अवसर पर सीएमओ ने आभार व्यक्त करते हुए हुए कहा कि मैं निक्षय मित्रों की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित करना चाहता हूँ। निक्षय मित्र बनकर मरीजों को गोद लेना और उन्हें पोषण, सहायता व भावनात्मक समर्थन प्रदान करना इस अभियान का एक अनूठा पहलू है। परियोजना निदेशक अरुण कुमार उपाध्याय, बीएसए कॉलेज के प्राचार्य डॉ ललित मोहन शर्मा , जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ संजीव यादव , डॉ भूदेव सिंह, डॉ रोहिताश, डॉ पारुल शर्मा, आलोक तिवारी तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे ।
इस अवसर पर सीएमओ ने आभार व्यक्त करते हुए हुए कहा कि मैं निक्षय मित्रों की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित करना चाहता हूँ। निक्षय मित्र बनकर मरीजों को गोद लेना और उन्हें पोषण, सहायता व भावनात्मक समर्थन प्रदान करना इस अभियान का एक अनूठा पहलू है। परियोजना निदेशक अरुण कुमार उपाध्याय, बीएसए कॉलेज के प्राचार्य डॉ ललित मोहन शर्मा , जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ संजीव यादव , डॉ भूदेव सिंह, डॉ रोहिताश, डॉ पारुल शर्मा, आलोक तिवारी तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे ।