
केएमयू के ओरिएंटेशन में पहुंचे नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं को सद्गुरू रीतेश्वर महाराज ने दिया ज्ञान
एयर होस्टेस शैली अपनाकर करनी चाहिए श्रीकृष्ण यात्रा, तभी आप होंगे सफल : सतगुरू रितेश्वर महाराज
संस्कारवान पुरुष में ही पाई जाती है शिक्षा और विद्या : कुलाधिपति
मथुरा। केएम विश्वविद्यालय में नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए नवप्रवेशी छात्र परिचय कार्यक्रम ‘दीक्षारंभ-2025-26’ का भव्य शुभारंभ हवन-यज्ञ के साथ किया गया, जिसमें विवि के कुलाधिपति किशन चौधरी सहित कुलपति डा. एनसी प्रजापति, प्रति कुलपति डा. शरद अग्रवाल, कुलसचिव डा. पूरन सिंह और मेडीकल प्राचार्य डा. पीएन भिसे ने यज्ञ में आहुति देकर की। केएम विश्वविद्यालय में हवन यज्ञ के पश्चात शैक्षणिक सत्र के पहले दिन ऑडिटोरियम पहुंचे सैकड़ों की संख्या में नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं को दीक्षारंभ ओरिएंटेशन कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की उपलब्धियां और आने वाले वर्षों में विद्यार्थियों को प्रदान की जाने वाली शिक्षा के बारे में जानकारी दी गई।
मुख्य अतिथि आनंदाधाम से पधारे सतगुरू रीतेश्वर महाराजश्री ने जीवन, शिक्षा और सकारात्मक-आध्यात्मिक सोच के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम और 16 कलाओं से परिपूर्ण श्रीकृष्ण के जीवन में सुदामा चरित्र पर प्रकाश डाला और कहा आपका भौतिक जीवन एयर होस्टेस(हवाई यात्रा में अभिनंदन करने वाला व्यक्ति/महिला) का है आपको उस शैली का प्रयोग करते हुए आपको श्रीकृष्ण की यात्रा करनी चाहिए। क्योंकि श्रीकृष्ण सदा आनंदित रहते थे, सनातन में हमेशा विज्ञान है। अगर विज्ञान और सनातन एक साथ होकर चले तो भारत विश्वगुरू बन जाएगा। पुराणकाल में भारत सोने की चिड़िया थी। पश्चिमी सभ्यता को अपना कर मॉडल कहलाना मात्र भ्रम है। केएम विश्वविद्यालय से आप जीवन की जीविका की विद्या लेकर निकले और आनंद, खुशी के साथ यात्रा शुरू करे जो एयर होस्टेस से कृष्ण तक पहुंचेगी। शास्त्रों में सब कुछ सही लिखा है गुरु ही इन्द्रियों का भविष्य तय करने वाला है। स्टूडेंट का सही संचालन पूरी प्रकृति को जीवन का अंदाज देने जैसा है। इसलिए खुश और आनंदित रहकर अपने लक्ष्यों की प्राप्ति करके आप कामयाब हो सकते है।
विवि के कुलाधिपति किशन चौधरी ने नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा विद्या शिक्षा कहीं भी मिल सकती है विद्या होती है उसमें शिक्षा व संस्कार होते है। शिक्षित व्यक्ति में विद्या होती है तो उसमें अच्छे संस्कार पाये जाते है। आप जैसा सोचोगे वैसे ही बन जाओगे। इस दौरान कुलाधिपति ने मर्यादा पुरुषोत्तम राम और योगीराज श्रीकृष्ण के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्र-छात्राओं को अच्छे मित्र बनाने की सलाह दी।
विवि के सलाहाकार डा. एसपी गोस्वामी ने विद्यार्थियों से जीवन, कॅरिअर और सफलता से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण सूत्र साझा किए। अपने अनोखे अंदाज में उन्होंने स्लाइड्स, प्रेरक शेरो-शायरी और कहानियों के माध्यम से विद्यार्थियों को न केवल मार्गदर्शन दिया, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास, अनुशासन और दूरदर्शिता की ओर प्रेरित किया। प्रति कुलपति डा. शरद अग्रवाल ने कहा नवप्रवेशित विद्यार्थी अब परंपरागत पाठ्यक्रम के बाद तकनीकी एवं व्यवसायिक पाठ्यक्रम से जुड़े हैं, जहां से विद्यार्थी जीवन को नई दिशा मिलेगी। कुलसचिव डा. पूरन सिंह ने कहा विद्यार्थी जीवन में ये जो आने वाले साल हैं, ये सिर्फ एक डिग्री पाने के लिए नहीं, बल्कि अपने आपको निखारने के साल हैं। यहां जो आप सीखेंगे, वही आपकी सोच बनाएगा, आपका आत्मविश्वास बढ़ाएगा। सीईओ मनोज कुमार ओझा ने कहा केएम विश्वविद्यालय में विवि में संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों में स्नातक स्तर पर बी.टेक, बी. फॉर्मा, बीएससी, बायोटेक, बीए, बीकॉम, बीए और बीकॉम एलएलबी ऑनर्स, डिप्लोमा इन फॉर्मेसी, स्नातकोत्तर स्तर पर एमटेक, एमवीए, एम. फॉर्मा (फार्मोकोलॉजी एंड फार्मास्यूटिक्स) आदि कोसों के नव प्रवेशित छात्र-छात्राओं ने ओरिएंटेशन में शिरकत की। इसके अलावा संकाय के डीन, प्रोफेसर अन्य विवि का स्टाफ मौजूद रहा।
इससे पूर्व ओरिएंटेशन का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं विवि के कुलाधिपति ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया।