
मथुरा। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह तथा पुलिस उपमहानिरीक्षक / वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार पांडेय ने थाना समाधान दिवस के अवसर पर थाना सदर में फरियादियों की शिकायतें सुनी। शिकायत लेकर आए एक व्यक्ति ने शिकायत की कि कुछ लोग रास्ते में कार खड़ी कर देते हैं, जिससे निकलने में परेशानी होती है, जिस पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सदर थाना प्रभारी विदिश कुमार को निर्देश दिए कि मौके पर जाकर जांच कर आवश्यक कार्यवाही करें। उन्होंने थाने के विभिन्न रजिस्टरों का अवलोकन किया। थाना दिवस में पूर्व में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की जानकारी ली तथा समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसी क्रम में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह तथा पुलिस उपमहानिरीक्षक / वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार पांडेय ने जिला कारागार का मासिक निरीक्षण किया, जिसमें दोनों उच्च अधिकारियों ने वन जेल वन प्रोडक्ट के अंतर्गत संचालित पोशाक सिलाई केंद्र का जायजा लिया। केंद्र में कार्य कर रहे व्यक्तियों से जानकारी ली कि क्या क्या प्रोडक्ट बनाए जाते हैं, कार्य कर रहे व्यक्ति ने जानकारी देते अवगत कराया कि भगवान जी की पोशाक, मुकुट, माला आदि का कार्य किया जाता है। उन्होंने एक विशेष जानकारी दी कि श्री कृष्ण जी की एक आर्टिफिशियल जेल बनाई गई है, जिसमें 3डी पिक्चर लगाकर उसे आकर्षक बनाया जाएगा। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने जेल अधीक्षक को निर्देश दिए कि उक्त प्रोडक्ट के लिए अच्छी व्यवस्था की जाए और उसे बेहतर साज सज्जा कर सुंदर बनाने पर जोर दिया जाए।
इसके बाद जिलाधिकारी और पुलिस उपमहानिरीक्षक / वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने चौधरी भरत सिंह स्वतंत्र संग्राम सेनानी कारागार चिकित्सालय में जाकर बंदी मरीजों की जानकारी ली। उन्होंने पाकशाला में जाकर बंदियों के लिए बन रहे भोजन में दाल, रोटी, सब्जी आदि को देखा। उन्होंने कारागार चिकित्सालय का निरीक्षण किया, कारागार में मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली।
जिलाधिकारी और पुलिस उपमहानिरीक्षक / वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बंदियों से क्राइम और केस के बारे में जानकारी ली, जेल में सुविधा, असुविधा के बारे में पूछा, किस जिले से हैं आदि संबंधी पूछताछ की। जेल अधीक्षक से जानकारी ली कि कितने बंदी जेल में है, जिनमें महिला, पुरुष, बुजुर्ग, युवा और विदेशी बंदी कितने हैं।