संस्कृति विवि में रक्तदान कर प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर लिया संकल्प किया पूरा


मथुरा। संस्कृति स्कूल आफ नर्सिंग और सद्भावना चेरीटेबल ब्लड बैंक के सहयोग से संस्कृति विवि में एक रक्तदान शिविर लगाया गया। रक्तदान शिविर में विवि की एनएसएस विंग के कैडेटों, विवि के शिक्षकों ने 147 यूनिट ब्लड दान किया।
इस मौके पर संस्कृति स्कूल नर्सिंग के प्राचार्य केके पाराशर ने कहा कि रक्तदान तब होता है जब एक स्वस्थ व्यक्ति स्वेच्छा से अपना रक्त देता है और रक्त-आधान (ट्रांसफ्यूजन) के लिए उसका उपयोग होता है या फ्रैकशेनेशन नामक प्रक्रिया के जरिये दवा बनायी जाती है। विकसित देशों में, अधिकांश रक्तदाता अवैतनिक स्वयंसेवक होते हैं, जो सामुदायिक आपूर्ति के लिए रक्त दान करते हैं। एक स्वस्थ वयस्क व्यक्ति एक बार में आमतौर पर 350 से 450 मिलीलीटर (ml) रक्त दान कर सकता है, जो शरीर में मौजूद कुल रक्त का लगभग 8% से 12% होता है. पुरुषों के लिए यह अंतराल 12 सप्ताह और महिलाओं के लिए 16 सप्ताह होता है, जबकि भारत में आमतौर पर 450 मिलीलीटर रक्त दान किया जाता है, जिसे शरीर 48 से 72 घंटों में फिर से भर लेता है.
डा. रजनीश त्यागी ने कहा कि जीवन बचाने के लिए खून चढाने की जरूरत पडती है। दुर्घटना, रक्‍तस्‍त्राव, प्रसवकाल और ऑपरेशन आदि के दौरान अत्‍यधिक खून बह सकता है और इस अवसर पर उन लोगों को खून की आवश्‍यकता पडती है। थेलेसिमिया, ल्‍यूकिमिया, हीमोफिलिया जैसे अनेंक रोगों से पीडित व्‍यक्तियों के शरीर को भी बार-बार रक्‍त की आवश्‍यकता रहती है अन्‍यथा उनका जीवन खतरे में रहता है। जिसके कारण उनको खून चढाना अनिवार्य हो जाता है। इस जीवनदायी रक्‍त को एकत्रित करने का एकमात्र् उपाय है रक्‍तदान। स्‍वस्‍थ लोगों द्वारा किये गये रक्‍तदान का उपयोग जरूरतमंद लोगों को खून चढानें के लिये किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा दान है जो किसी का जीवन बचाने के काम आ सकता है।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी के जन्मदिवस पर लिए संकल्प को पूरा करने के लिए संस्कृति विवि में हुए रक्तदान के अवसर पर सद्भावना ब्लड बैंक टीम की तरफ से मेडिकल ऑफिसर डॉ. प्रदीप पाराशर, डायरेक्टर संजीव सारस्वत , मोहित सारस्वत ,तरुण, सुशील राहुल, सौरभ, नितिन, धर्मेंद्र नीरज आदि का सहयोग रहा। वहीं संस्कृति विवि की ओर से सीईओ डा. श्रीमती मीनाक्षी शर्मा, कुलपति प्रो.एमबी चेट्टी ने आयोजन का शुभारंभ किया। इस मौके पर प्रशासनिक अधिकारी विवेक श्रीवास्तव, दिलीप सिंह, राहुल और एनएसएस विंग के कैडेट्स भी मौजूद रहे।

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