रायबरेली ब्यूरो धीरेंद्र शुक्ला की रिपोर्ट
रायबरेली के ऊंचाहार तहसील से भ्रष्टाचार और भू-माफियाओं के गठजोड़ का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ एक गरीब परिवार ने स्थानीय राजस्व अधिकारियों और दबंगों पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वे आत्मदाह कर लेंगे। पीड़ित परिवार ने कोतवाली में प्रदर्शन किया है। मामला क्षेत्र के ग्राम कोटरा बहादुरगंज का है। पीड़ित विजय पासी ने गाँव लोगों के साथ गुरुवार को तहसील प्रांगण पहुंचकर कानूनगो के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। आरोप लगाया है कि उनकी पुस्तैनी जमीन (गाटा संख्या 1252 क, जो पिछले 50 वर्षों से उनके नाम दर्ज है, उसे भू-माफियाओं द्वारा कब्जाया जा रहा है। पीड़ित ने आरोप लगाते हुए कहा कि राजस्व निरीक्षक ने विपक्षी से मिलकर जमीन की फर्जी आख्या (रिपोर्ट) लगा दी और परिवार को बिना किसी नोटिस के जमीन का नाम खारिज करा दिया। उसका कहना है कि इस भूमि पर उपजिलाधिकारी की अदालत में बंटवारे का वाद विचाराधीन है। बीते साल 24 फरवरी को जारी एक अदालती आदेश में दोनों पक्षों को मौके पर यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद दबंग पक्ष पुलिस और राजस्व कर्मियों की शह पर जमीन पर अवैध निर्माण कर रहा है। पीड़ित ने बताया कि वे 12 हिस्सेदार हैं और बेहद गरीब हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल 50 से अधिक लोगों को इकट्ठा कर जबरन निर्माण कार्य कर रहा है। वही कानून गो रत्नाकर शुक्ला ने बताया कि मामला एसडीएम न्यायालय का है इसमें मेरी कोई भी भूमिका नहीं आरोप निराधार है। एसडीएम राजेश कुमार श्रीवास्तव नें बताया की निर्माण कार्य रूकवाने और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है!





