धर्म व अध्यात्म जगत के जाज्वल्यमान नक्षत्र हैं पुराण : मनीषी कौशिकजी महाराज

मावली स्थित गौतीर्थ तुलसी तपोवन गौशाला में धूमधाम से सम्पन्न हुआ दिव्य व भव्य होली रंग महोत्सव

(डॉ. गोपाल चतुर्वेदी)

वृन्दावन।मावली स्थित गौतीर्थ तुलसी तपोवन गौशाला में विश्वविख्यात पुराण मनीषी आचार्य प्रवर कौशिकजी महाराज के पावन सानिध्य में दिव्य व भव्य होली रंग महोत्सव का आयोजन अत्यंत श्रद्धा एवं धूमधाम के साथ संपन्न हुआ। जिसके अंतर्गत देश-विदेश से आए असंख्य भक्तों-श्रद्धालुओं ने फूलों की होली खेल कर पूज्य कौशिकजी महाराज को होली महोत्सव एवं उनके अवतरण दिवस की अग्रिम बधाइयां दीं।साथ ही ईश्वर से उनके स्वस्थ्य, दीर्घायु एवं मंगलमय जीवन की कामना की।
इस अवसर पर आयोजित संत-विद्वत सम्मेलन में प्रख्यात संत महामंडलेश्वर डॉ. इंद्रदेवेश्वरानन्द सरस्वती महाराज व विश्वविख्यात भागवताचार्य डॉ. अनिरुद्धाचार्य महाराज ने कहा कि पुराण मनीषी कौशिकजी महाराज धर्म व अध्यात्म जगत के जाज्वल्यमान नक्षत्र हैं।उनके द्वारा भारतीय वैदिक संस्कृति व सनातन धर्म के संरक्षण व संवर्धन के लिए जो विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं,वे अति प्रशंसनीय हैं।
अघोरशक्ति पीठाधीश्वर स्वामी बाल योगेश्वरानंद महाराज व महामंडलेश्वर स्वामी कृष्णानंद महाराज ने कहा कि आचार्य प्रवर कौशिकजी महाराज का सारा जीवन गौसेवा व विप्र सेवा के लिए पूर्णतः समर्पित है।उनके द्वारा मावली स्थित गौशाला में सवा लाख गायों की सेवा करने का जो संकल्प लिया हुआ है, उसे वे शीघ्रातिशीघ्र पूर्ण करने की ओर अग्रसर हैं।इसके अलावा उन्होंने मंडला(मध्य प्रदेश) में भी वृहद गौशाला स्थापित की हुई है।जिसमें असंख्य गौवंश की सर्वोचित रूप से सेवा की जा रही है।
प्रख्यात साहित्यकार व आध्यात्मिक पत्रकार डॉ. गोपाल चतुर्वेदी एवं प्रख्यात भागवताचार्य व ज्योतिषाचार्य रामविलास चतुर्वेदी ने कहा कि पूज्य कौशिकजी महाराज अपनी अल्पायु में ही धर्म व अध्यात्म के क्षेत्र में आ गए थे।उन्होंने अत्यंत साधनामय जीवन जीया है और जी रहे हैं।पूज्य महाराजश्री को भगवान वेदव्यासजी द्वारा रचित समस्त 18 पुराणों सहित अन्य सभी धर्म ग्रंथों पर प्रवचन देने में महारथ हासिल है।
वानप्रस्थ धाम के संस्थापक डॉ. चतुर नारायण पाराशर व पुराणाचार्य डॉ. मनोज मोहन शास्त्री ने कहा कि गौतीर्थ तुलसी तपोवन गौशाला के संस्थापक कौशिकजी महाराज सहजता, सरलता, उदारता, परोपकारिता की प्रतिमूर्ति हैं।इसीलिए उनके अनुयायी समूचे विश्व में हैं।उनके द्वारा वृहद स्तर पर की जा रही अन्न सेवा, वृक्ष संरक्षण सेवा, निर्धन-निराश्रित सेवा आदि के विभिन्न सेवा प्रकल्प निस्वार्थ भाव से संचालित किए जा रहे हैं।जिनसे असंख्य व्यक्ति लाभान्वित हो रहे हैं।यही मनुष्य जीवन की सार्थकता है।
महोत्सव में भागवताचार्य विपिन बापू, पण्डित रविशंकर पाराशर (बवेलेजी), आचार्य सुरेशचंद्र शास्त्री, नेत्रपाल शास्त्री, पण्डित बिहारीलाल वशिष्ठ, डॉ. राधाकांत शर्मा, सौरभ गौड़, आचार्य बद्रीश महाराज, ध्रुव शर्मा, डॉ. रामसुदर्शन मिश्रा, आनंद देव उपाध्याय आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए।महोत्सव का कुशल संचालन आचार्य रामविलास चतुर्वेदी ने किया।कार्यकम में पधारे सभी संतों,विद्वानों व अतिथियों का स्वागत-सम्मान महोत्सव की संयोजक श्रीमती मीना देवी कनौडिया व संतोष कुमार कनौडिया,पटना (बिहार) ने किया।धन्यवाद ज्ञापन गौतीर्थ तुलसी तपोवन गौशाला के प्रबंधक आचार्य रामदेव शास्त्री के द्वारा किया गया।

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