रायबरेली ब्यूरो धीरेंद्र शुक्ला की रिपोर्ट
रायबरेली में सवर्ण समाज के युवाओं ने यूजीसी के काले कानून के खिलाफ प्रदर्शन किया आज दोपहर के समय सैकड़ों की संख्या में एकत्रित हुए और कानून को वापस लेने की मांग की प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया की यह कानून सरासर ग़लत है।
प्रदर्शनकारी युवाओं का कहना है कि जिस तरह से यूजीसी के इस काले कानून को लागू किया गया है, वह अनुचित है । उन्होंने भाजपा सरकार के अपने कार्यकर्ताओं और सवर्ण समाज के युवाओं के द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जाने का उल्लेख किया है। युवाओं ने भाजपा के सांसद और विधायकों की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए गम्भीर आरोप लगाएं हैं , उन्होंने कहा सरकार ने पहले हिन्दू मुस्लिम की राजनीति कर समाज में आपसी सौहार्द को किया और अब हिन्दूओं के भीतर जातिगत राजनीति कर विवाद पैदा कर रही है।
युवाओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस काले कानून को वापस नहीं लिया गया तो वह लाखों की संख्या में सड़को पर उतर कर बड़ा विरोध प्रदर्शन करेंगे । और कहा की आने वाले चुनावों में सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।





