ज्ञान और भक्ति का संगम देता है सुमार्ग-लाखन सिंह राजपूत

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बाबरपुर में शुरू हुआ तीन दिवसीय मानस सम्मेलन
जिला ब्यूरो चीफ अनिल अवस्थी
औरैया । कस्बे के बाबरपुर स्थित सब्जी मंडी परिसर में गुरुवार से तीन दिवसीय मानस सम्मेलन की शुरुआत हुई। इस आयोजन का शुभारंभ पूर्व राज्य मंत्री लाखन सिंह राजपूत ने मानस ग्रंथ पूजन और भगवान श्रीराम के विग्रहों पर पुष्प अर्पण कर किया। कार्यक्रम का आयोजन मानस सम्मेलन समिति बाबरपुर-अजीतमल की ओर से किया गया है। पूर्व मंत्री लाखन सिंह राजपूत ने कहा कि जब ज्ञान भक्ति के साथ जुड़ता है, तभी मनुष्य को जीवन में सही रास्ता मिलता है। उन्होंने कहा कि रामचरितमानस हमें प्रेम, नीति और जीवन के सच्चे मूल्यों की सीख देता है। श्रद्धालुओं से उन्होंने आग्रह किया कि मानस की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाएं और समाज में प्रेम और एकता का संदेश फैलाएं।
कार्यक्रम में प्रसिद्ध मानस वक्ता राजेश बुधौलिया ‘रामायणी’ ने चौपाई “बिन सत्संग विवेक न होई” का सुंदर भावार्थ समझाया। उनके प्रवचन से पूरा पंडाल भाव-विभोर हो उठा। इसके बाद मालती जी, पुष्पांजलि शुक्ला, पूर्व एडीएम राम प्रप्पन दास और राजेंद्र पाठक ने भी रामचरितमानस की चौपाइयों पर अपने विचार साझा किए। पहले दिन का कार्यक्रम पूरी तरह भक्ति और श्रद्धा से भरा रहा। डॉ. उमेश दीक्षित (अध्यक्ष), रामदर्शन कठेरिया (महामंत्री), राम अवतार गुप्ता और मुन्ना सिंह ने अतिथियों और वक्ताओं का माल्यार्पण कर स्वागत किया। यह तीन दिवसीय कार्यक्रम शुक्रवार और शनिवार को भी जारी रहेगा। प्रत्येक दिन दिन और रात्रि दोनों बेला में प्रवचन और भक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम को सफल बनाने में सतीश चंद्र पांडे, लालजी पोरवाल, व्यापार मंडल अध्यक्ष संजीव पोरवाल, अंकुर मिश्रा, पवन पोरवाल ‘गटन्नू’, सतीश चौहान, रवि गुप्ता और अर्पित पोरवाल सहित समिति के कई सदस्यों का विशेष योगदान रहा।

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