रायबरेली ब्यूरो धीरेंद्र शुक्ला की रिपोर्ट
रायबरेली। जिले में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका एक ताजा मामला तहसील ऊंचाहार के सलोन क्षेत्र से सामने आया है। यहाँ एक किसान ने क्षेत्रीय लेखपाल पर खतौनी में नाम सुधारने के एवज में रिश्वत मांगने और पैसे न देने पर गलत रिपोर्ट लगाने का गंभीर आरोप लगाया है।
ग्राम उमरन तहसील ऊंचाहार निवासी हीरालाल पुत्र नत्थू ने जिला अधिकारी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उनकी भूमि (गाटा संख्या 463, रकबा 0.031 हेक्टेयर) की खतौनी में उनका नाम गलत दर्ज हो गया है। इसे सुधारने के लिए उन्होंने आधार कार्ड, पासबुक और पहचान पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेजों के साथ तहसीलदार को आवेदन दिया था।
पीड़ित का आरोप है कि इस मामले की जांच कर रहे लेखपाल (जयकरन पाल) ने नाम सुधारने की रिपोर्ट लगाने के लिए ₹5,000 की रिश्वत की मांग की। हीरालाल ने बताया कि जब उन्होंने असमर्थता जताई और पैसे देने से मना कर दिया, तो लेखपाल ने उन्हें महीनों तक टालमटोल किया। अंततः, लेखपाल ने द्वेषवश तहसील में गलत आख्या (रिपोर्ट) प्रेषित कर दी, जिससे पीड़ित का काम रुक गया।
परेशान होकर पीड़ित ने अब उच्चाधिकारियों का दरवाजा खटखटाया है। प्रार्थना पत्र के माध्यम से मांग की गई है कि:
खतौनी में गलत दर्ज नाम को सही कर दे किन्तु
भ्रष्ट लेखपाल के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाए।
इस मामले में अब देखना यह है कि प्रशासन आरोपी लेखपाल पर क्या कार्रवाई करता है या पीड़ित किसान को दफ्तरों के चक्कर ही काटने पड़ेंगे।
इस सम्बन्ध में नायब तहसीलदार शम्भू शरण से फोन पर बात करने की कोशिश की गई लेकिन नहीं हो पाई है।





