

भारत नेपाल साहित्य- सांस्कृतिक महोत्सव में 150 प्रबुद्धजनों ने गीता शोध संस्थान वृंदावन में भाग लिया
वृंदावन। भारत नेपाल साहित्य सांस्कृतिक महोत्सव-2025 का आयोजन उप्र ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा संचालित गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी 21 से 23 मार्च को किया गया।
क्रांतिधरा साहित्य अकादमी, मेरठ, (भारत) और चारू साहित्य प्रतिष्ठान (नेपाल) के साहित्यिक संस्थान ने गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी के सहयोग से हुए महोत्सव में नेपाल से 80 व भारत से 70 साहित्यकार, शिक्षाविद्, लेखक, कवि व अन्य प्रबुद्ध वर्ग के लोगों ने भाग लिया।
इस मौके पर प्रथम सत्र में अन्य विशिष्ट अतिथियों के अलावा उप्र ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सीईओ एस बी सिंह और दूसरे सत्र में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी किशन चंद्र दुबे ने दोनों देशों के प्राचीन संबंधों पर चर्चा की।
अध्यक्षता कर रहे वर्ध घाट प्रज्ञा प्रतिष्ठान विश्वविद्यालय नेपाल के कुलपति डा घनश्याम न्यौपाने परिश्रमी, नेपाल की प्रमुख संस्था चारू साहित्य प्रतिष्ठान के अध्यक्ष डा देवी पंथी आदि ने संयुक्त रूप से ब्रज की प्रमुख साहित्यकार व गीतकार डा अनीता चौधरी को उनकी दीर्घकालिक साहित्य सेवाओं के लिए “ब्रज शिरोमणि सम्मान-2025” की उपाधि प्रदान कर सम्मानित किया। प्रथम सत्र में मुख्य अतिथि सेवायत राधारमण मंदिर, वृंदावन श्री पद्मनाभ गोस्वामी, डा उमेश चंद्र शर्मा, शिक्षाविद डा के के शर्मा आदि मंचस्थ रहे। विशिष्ट अतिथि नेपाल की लघुकथाकार श्रीमती ममता मृदुल रहीं।
दूसरे दिन सांसद हेमा मालिनी ने वृंदावन की विदुषी व भागवताचार्य मोहिनी कृष्ण दासी को ब्रज शिरोमणि सम्मान प्रदान किया। शिक्षाविद श्रीमती संध्या मिश्रा, कृष्णा कुटीर की संचालिका शिल्पा मुरगई, मजिस्ट्रेट प्रतिभा शर्मा व खजानी बुमैन इन्सटीटयूट की एमडी श्रीमती शिप्रा राठी को ब्रज शिरोमणि सम्मान प्रदान किया।
संचालन डा हरेन्द्र हर्ष और गीता शोध संस्थान के समन्वयक ( शोध, जनसंपर्क व प्रकाशन) चंद्र प्रताप सिंह सिकरवार और डा विजय पंडित ने किया। उन्होने सांसद व बाहर से आये अतिथियों को उप्र ब्रज तीर्थ विकास परिषद व गीता शोध संस्थान के कार्यकलापों से अवगत कराया। श्री सिकरवार ने जानकारी दी कि दो दर्जन लेखकों की पुस्तकों का लोकार्पण हुआ। शोध पत्र पढे गये। लघु कथा वाचन हुआ। पुस्तक समीक्षा हुई।