संस्कृति विवि में आयोजित भाषण और कविता प्रतियोगिता के विजेता अपने पदकों के साथ।

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संस्कृति विवि में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटलजी को किया गया याद

मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय के सभागार में संस्कृति स्टूडेंट काउंसिल द्वारा भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्व अटल बिहारी वाजपेय की जयंती सुशासन दिवस के रूप में मनाई। इस अवसर पर भाषण और कविता प्रतियोगिता का आयोजन किया। विद्यार्थियों ने अपनी कविताओं और भाषणों द्वारा अटलजी के द्वारा स्थापित सुशासन, राष्ट्रीय एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों विस्तार से बताया।
कार्यक्रम की शुरुआत में अटल बिहारी वाजपेयी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्प अर्पित किए गए। कार्यक्रम में स्टूडेंट वेलफेयर विभाग के डीन डा. डीएस तोमर ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल जी के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि अटलजी सर्वाधिक लोकप्रिय राजनीतिज्ञों में एक थे, उन्हें विपक्षी भी हमेशा सम्मान देते थे। अपने निराले व्यक्तित्व के कारण वे सदन में हमेशा सबके चहेते रहे। उन्होंने कहा कि सुशासन दिवस भारत में प्रतिवर्ष पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती के रूप में 25 दिसंबर के दिन मनाया जाता है। भारतीय लोगों के बीच जागरूकता को बढ़ावा देकर प्रधान मंत्री वाजपेयी को सम्मानित करने के लिए 2014 में सुशासन दिवस की स्थापना की गई थी। सुशासन के सिद्धांत को ध्यान में रखते हुए, भारत सरकार ने सुशासन दिवस को सरकार के लिए कार्य दिवस के रूप में घोषित किया है।
भाषण प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने अटलजी को एक दूरदर्शी नेता, पूर्व प्रधानमंत्री और एक जाने-माने कवि के रूप में याद किया । विद्यार्थी वक्ताओं ने कहा कि अटलजी के विचार पीढ़ियों को प्रेरित कर रहे हैं। विद्यार्थियों ने प्रतियोगिताओं में सक्रिय रूप से भाग लेकर अपने कौशल का प्रदर्शन किया और अटल जी की विचारधारा और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को दर्शाते हुए शक्तिशाली भाषणों और भावपूर्ण कविताओं के माध्यम से अपने विचार प्रस्तुत किए। इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित थाना छाता प्रभारी कमलेश सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अनुशासन, कानून का पालन और जिम्मेदार नागरिकता के महत्व पर जोर दिया। साथ ही कविता पाठ भी किया। प्रतियोगिताओं के निर्णायक के रूप में विश्वविद्यालय के जन संपर्क अधिकारी किशन चतुर्वेदी उपस्थित रहे।
भाषण प्रतियोगिता में यश श्रीवास्तव ने पहला पुरस्कार, छात्रा ओजस्वी ने दूसरा और छात्रा वंशिका को तीसरा स्थान मिला। वहीं कविता प्रतियोगिता में नेहा ने पहला, प्रिंस राज कौशिक दूसरा और विनायक ने तीसरा स्थान हासिल किया। कार्यक्रम का समापन पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ, जहाँ विजेताओं को सम्मानित किया गया और उनकी उत्कृष्टता के लिए प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम का संचालन छवि शर्मा ने सुचारू रूप से किया।

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