संस्कृति विवि में लिया स्टार्टअप और इनोवेशन को मजबूत बनाने का संकल्प

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“मंथन इंडिया: इंडस्ट्री-टेक कॉन्क्लेव 2025”


मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय द्वारा अपने संतोष मैमोरियल आडिटोरियम में मंथन इंडिया: इंडस्ट्री-टेक कॉन्क्लेव 2025 का ऐतिहासिक आयोजन किया गया। इस मंथन में पॉलिसीमेकर्स, इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स, इनोवेटर्स, एकेडेमिक्स और नए एंटरप्रेन्योर्स को भारत के इनोवेशन और टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम को आगे बढ़ाने के लिए एक साथ लाया गया। कॉन्क्लेव ने रिसर्च को बढ़ावा देने, इंडस्ट्री कोलैबोरेशन को बढ़ावा देने और फ्यूचर के लिए तैयार वर्कफोर्स बनाने के लिए स्किल डेवलपमेंट को मज़बूत करने के विश्वविद्यालय के संकल्प को बढ़ावा दिया गया। मंथन की शुरुआत सरस्वती वंदना और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। मंथन में मौजूद भारत सरकार के साइंस और टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट (डीएसटी) के डॉ. सी. एस. यादव ने ने भारत के स्टार्ट-अप और इनोवेशन लैंडस्केप को मज़बूत करने के मकसद से की गई खास राष्ट्रीय कोशिशों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों और मौजूद श्रोताओं को यह भी बताया कि उनका विभाग स्टार्टअप और नवोन्मेष को कैसे सहयोग करता है। कॉमर्स और इंडस्ट्री मिनिस्ट्री के इंडस्ट्री और इंटरनल ट्रेड प्रमोशन डिपार्टमेंट(पीआईआईटी) की सुश्री शिप्रा लवानिया ने आत्मनिर्भर भारत पर एक बहुत ही जानकारी भरा वक्तव्य दिया, जिसमें उन्होंने देसी इनोवेशन की अहमियत और शुरुआती स्टेज के स्टार्ट-अप के लिए डीपीआईआईटी रजिस्ट्रेशन के फ़ायदों के बारे में बताया। अपने अध्यक्षीय संबोधन में संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. सचिन गुप्ता ने एक मज़बूत एंटरप्रेन्योरियल माइंडसेट बनाने, शुरुआती स्टेज के स्टार्ट-अप्स के सामने आने वाली चुनौतियों को समझने और उनसे निपटने के लिए असरदार स्ट्रेटेजी अपनाने के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने युवा इनोवेटर्स को अपनी यात्रा में अडैप्टेबल, सॉल्यूशन-ओरिएंटेड और पर्पस-ड्रिवन बने रहने के लिए प्रोत्साहित किया। मंथन की शुरुआत संस्कृति विवि के कुलपति प्रो.डा. एम. बी. चेट्टी के गर्मजोशी भरे स्वागत भाषण से हुई, जिन्होंने इस पहल के पीछे के विज़न को बताया और एकेडमिक एक्सीलेंस को इंडस्ट्री से जुड़ी लर्निंग के साथ जोड़ने के संस्कृति यूनिवर्सिटी के मिशन पर रोशनी डाली। कार्यक्रम का विशेष क्षण चुने हुए स्टार्ट-अप को ₹11 लाख का शुरुआती इग्निशन ग्रांट देना था, जिससे संस्कृति यूनिवर्सिटी का शुरुआती स्टेज के इनोवेटर्स को सपोर्ट करने और उनकी एंटरप्रेन्योरशिप की यात्रा को तेज़ करने का कमिटमेंट और भी साफ़ हो गया। कार्यक्रम संस्कृति विवि के इंक्युबेशन सेंटर के सीईओ डॉ. गजेंद्र सिंह के धन्यवाद ज्ञापन के साथ खत्म हुआ, जिन्होंने कॉन्क्लेव को शानदार सफलता बनाने के लिए जाने-माने स्पीकर्स, इंडस्ट्री पार्टनर्स, स्टार्ट-अप फाउंडर्स और पार्टिसिपेंट्स का आभार व्यक्त किया।

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