संस्कृति विवि के कुलाधिपति डा. सचिन को मिला हंसराज रतन सम्मान

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दिल्ली के विज्ञान भवन में युवा दिवस पर दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता डा. सचिन गुप्ता को पटुका ओढ़ाकर सम्मानित करते हुए।

मथुरा। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में हुए एक समारोह के दौरान संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डा. सचिन गुप्ता को महात्मा हंसराज रतन सम्मान से सम्मानित किया गया है। युवा दिवस पर हुए इस समारोह में देशभर की प्रमुख हस्तियों ने भाग लिय़ा।
राष्ट्रीय युवा दिवस के उपलक्ष्य पर विज्ञान भवन में हंसराज कॉलेज द्वारा आयोजित राष्ट्रीय समागम विकसित भारत का संकल्प और युवा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने युवाओं को देश की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि युवा केवल भविष्य की आशा नहीं, बल्कि वर्तमान में ही विकसित भारत की असली ताकत हैं। कार्यक्रम के समापन सत्र में उन्होंने युवाओं से सीधा संवाद करते हुए नेतृत्व, आत्मविश्वास और जिम्मेदारी पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉलेज और विश्वविद्यालय का समय जीवन का सबसे निर्णायक दौर होता है, जहां व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता और आत्मनिर्भर सोच का निर्माण होता है। उन्होंने अपने छात्र राजनीति से जुड़े अनुभव साझा करते हुए कहा कि शिक्षा संस्थान केवल डिग्री देने के केंद्र नहीं, बल्कि देश को दिशा देने वाले नेतृत्व की प्रयोगशालाएं हैं।
समारोह के दौरान डा. सचिन गुप्ता को दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन काम करने के लिए महात्मा हंसराज रतन सम्मान से सम्मानित किया। इस मौके पर डा. सचिन गुप्ता ने कहा कि देश की नामचीन हस्तियों के मध्य हंसराज कॉलेज, दिल्ली यूनिवर्सिटी द्वारा सम्मानित होना मेरे लिए बहुत गर्व और आभार का पल है। शिक्षकों, विद्वानों और बदलाव लाने वालों के बीच खड़े होकर मुझे यह एहसास हुआ कि शिक्षा आज भी बदलाव लाने वाली सबसे ताकतवर शक्तियों में से एक है। हर सम्मान कोई परिणाम नहीं होता, बल्कि यह उत्कृष्टता, नैतिक नेतृत्व और शिक्षा में समावेशी प्रगति की दिशा में काम करते रहने का एक पक्का वादा होता है। इस सम्मान के लिए आभारी हूं, और मूल्यों, ज्ञान और मकसद के साथ युवा दिमागों को सशक्त बनाने के विजन को आगे बढ़ाने के लिए गहराई से प्रेरित हूं। क्योंकि सच्ची पहचान अवॉर्ड में नहीं, बल्कि उस जिम्मेदारी में होती है जिसको यह प्रदर्शित करता है।
कार्यक्रम में केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा. जितेंद्र सिंह, पूर्व शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक समेत कई शिक्षाविद और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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