रायबरेली ब्यूरो धीरेंद्र शुक्ला की रिपोर्ट
कैंसर के प्रति जागरूक हुईं 150 महिलाएं; शंकुस हॉस्पिटल ने लगाया स्वास्थ्य शिविर
ऊंचाहार, रायबरेली। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जन-जागरूकता फैला ने के उद्देश्य से रविवार को रायबरेली के ऊंचाहार में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। यहाँ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के निकट स्थित नारायण हॉस्पिटल में शंकुस कैंसर हॉस्पिटल, रायबरेली द्वारा ‘कैंसर जागरूकता वार्ता’ शिविर का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम नारी शक्ति वेलफेयर फाउंडेशन की अध्यक्ष श्रीमती रेनू सिंह की विशेष पहल पर आयोजित किया गया था।
महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष चर्चा
शिविर की मुख्य वक्ता और प्रसिद्ध कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. समीक्षा मिश्रा ने कार्यक्रम में उपस्थित लगभग 150 महिलाओं को विस्तार से संबोधित किया। डॉ. मिश्रा ने महिलाओं के मासिक धर्म के दौरान होने वाली जटिलताओं, उनके संभावित कारणों और कैंसर के शुरुआती लक्षणों के बारे में जागरूक किया। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यदि सही समय पर कैंसर के लक्षणों की पहचान कर ली जाए, तो उचित उपचार से इस जानलेवा बीमारी को मात दी जा सकती है। उन्होंने महिलाओं को नियमित जांच कराने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी।
गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं वरिष्ठ भाजपा नेता जितेंद्र बहादुर सिंह रहे, जिन्होंने इस मानवीय पहल की सराहना की। नारायण हॉस्पिटल की फाउंडर सीमा त्रिपाठी ने भी स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम को सफल बनाने में शंकुस हॉस्पिटल की टीम से जन संपर्क अधिकारी सूरज कुमार और नारी शक्ति वेलफेयर फाउंडेशन की टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
आयुष्मान भारत के तहत निःशुल्क इलाज
शिविर के दौरान बताया गया कि आयुष्मान भारत (PM-JAY) योजना के अंतर्गत कैंसर का इलाज पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध है। अस्पताल प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि आयुष्मान कार्ड धारकों को विशेष वरीयता दी जाती है। शिविर में आए मरीजों के लिए निःशुल्क ओपीडी की व्यवस्था की गई थी। इसके अतिरिक्त, संस्थान में कीमोथेरेपी, कैंसर सर्जरी और रिहैबिलिटेशन जैसी आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
क्षेत्र के लोगों ने इस शिविर की काफी सराहना की, क्योंकि इससे न केवल उन्हें मुफ्त परामर्श मिला बल्कि कैंसर जैसी बीमारी को लेकर व्याप्त भ्रांतियां भी दूर हुईं।





