मां शेरावाली के जयकारों से गूंज रहा के.डी. मेडिकल कॉलेज

admin
By
admin
3 Min Read


एक अक्टूबर को भण्डारे के बाद होगा मां दुर्गा का विसर्जन


मथुरा। समूचा देश इस समय मां दुर्गा की उपासना में लीन है। घर-मंदिर ही नहीं शैक्षिक संस्थानों में भी मातारानी की प्रतिष्ठा कर सुबह-शाम भक्तगण पूजा-अर्चना कर मां शेरावाली के जयकारे लग रहे हैं। के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर में सातवीं बार शारदीय नवरात्रि पर देवी दुर्गा मां की प्राण-प्रतिष्ठा भक्तों द्वारा कराई गई है। मंगलवार को महाष्टमी पर विशेष पूजा-अर्चना कर कन्या भोज कराया गया।
सुबह-शाम आचार्य विकास मिश्रा द्वारा पूजा-अर्चना और आरती कराई जा रही है। एक अक्टूबर को कन्या भोज तथा भण्डारे के बाद मातारानी का विधि-विधान से विसर्जन किया जाएगा। 22 सितम्बर को शारदीय नवरात्र प्रारम्भ होने के बाद से ही के.डी. मेडिकल कॉलेज परिसर भक्तिभाव में डूबा हुआ है। सुबह हो या शाम मातारानी के जयकारों की गूंज तथा भजन सुनाई देते हैं।
मां शेरावाली को प्रसन्न करने के लिए महिला-पुरुष भक्तगणों के साथ ही कुछ मेडिकल छात्र-छात्राएं पूरे नौ दिनों का उपवास रखे हैं। यहां शाम को आरती के समय का नजारा कुछ अलग ही छटा बिखेरता दिखता है। आचार्य विकास मिश्रा का कहना है कि इस बार नवरात्रि का समापन एक अक्टूबर को होगा। उन्होंने बताया कि नवरात्रि की पूजा में अष्टमी और नवमी का दिन विशेष महत्व रखता है। इसी दिन से कन्या भोजन भी शुरू होता है। बहुत से लोग अष्टमी का व्रत रखते हैं, जिसका पारण नवमी को किया जाता है।
मंगलवार को आचार्य मिश्रा ने मां महागौरी की पूजा-अर्चना कराई। आचार्य ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक अष्टमी के दिन माता गौरी की उपासना करने से निःसंतान दम्पतियों को गुणवान और स्वस्थ संतान की प्राप्ति होती है। जिन महिलाओं की गोद सूनी है उन्हें महाष्टमी के दिन कन्या पूजन जरूर करना चाहिए। आचार्य मिश्रा का कहना है कि नवरात्रि में कन्याओं को भोजन कराना अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। दरअसल, छोटी-छोटी बच्चियों को देवी मां का रूप माना जाता है, इसीलिए नवरात्रि में कन्या पूजा जरूर करना चाहिए। कन्या पूजन में 10 साल तक की बच्चियों को आमंत्रित करना श्रेष्ठतम होता है। कन्या पूजा से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण करती हैं।
सुबह-शाम मातारानी की पूजा-अर्चना करने वाले भक्तगणों में अमित शर्मा, वेद प्रकाश, प्रियकांत यादव, अखिलेश शुक्ला, महेन्द्र सिंह चौधरी, यतेन्द्र शर्मा, सचिन गुप्ता, वी.पी. सिंह पूनिया, ओमवीर चौहान, गोविंद सिंह, आकाश चौहान, शक्ति सिंह, सतपाल सिंह, मोहम्मद आसिफ, पुष्पेन्द्र सिंह, आनंद, शैलव चौबे, हेमंत शर्मा, गजेन्द्र, मनोज तोमर, अजीत यादव आदि के साथ चिकित्सक और छात्र-छात्राएं शामिल होते हैं।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *