मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय और श्री अरविंदो सोसाइटी, पांडुचेरी की राष्ट्रीय शिक्षण अकादमी इकाई समत्व(एसएएमटीवीए) के मध्य एक महत्वपूर्ण एमओयू हुआ है। इस समझौते के तहत शिक्षकों को एक ऐसा शिक्षक बनाना है जो शिक्षण कार्य को आनंददायक तरीके से और संपूर्णता के साथ कर सकें।
इस सहयोग का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को इंटीग्रल और आनंददायक सीखने के प्रभावी फैसिलिटेटर बनने के लिए सशक्त बनाना है। सभी विषयों के शिक्षकों के लिए प्रोफेशनली डिज़ाइन किए गए, ट्रांसफ़ॉर्मेटिव एजुकेशन के सर्टिफिकेशन प्रोग्राम के तौर पर, समत्वा (SAMATVA) और संस्कृति विवि शिक्षकों को एक अच्छा मौका देंगे जहाँ वे श्री अरबिंदो और द मदर के एजुकेशनल फिलॉसफी पर आधारित रिफ्लेक्टिव प्रैक्टिस, सहयोग और आजीवन सीखने के सिद्धांतों की गहरी समझ के माध्यम से विकसित हो सकेंगे।
समत्वा और संस्कृति विवि, सेवारत और इच्छुक दोनों तरह के शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे, जो नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020, एनसीएफ और एनसीईआरटी फ्रेमवर्क की सिफारिशों के साथ समकालीन शिक्षा के साथ समग्र शैक्षिक दर्शन को एकीकृत करने वाले विभिन्न सर्टिफिकेशन प्रोग्राम प्रदान करेंगे। अपनी सोच-समझकर की गई पहलों और कोर्स के माध्यम से, दोनों मिलकर ऐसे शिक्षकों को तैयार करके शैक्षिक ताने-बाने को मजबूत करने का लक्ष्य रखते हैं जो बच्चे के 360-डिग्री विकास के लिए विजन, कौशल और प्रतिबद्धता रखते हैं।
यह महत्वपूर्ण एमओयू एक कार्यक्रम के दौरान अरविंद सोसायटी (उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड) के चेयरमैन विष्णु गोयल, संस्कृति विवि के कुलाधिपति डा. सचिन गुप्ता और श्री अरविंद सोसायटी, कर्नाटक के चेयरमैन डॉ. अजीत सबनीस द्वारा हस्ताक्षर कर संपन्न कराया गया।





