राजीव एकेडमी में जेडब्ल्यूटी-बेस्ड ऑथेन्टिकेशन पर हुई तकनीकी वर्कशॉप


टेक्निकल ट्रेनर ने एमसीए के छात्र-छात्राओं को दी तकनीकी जानकारी
मथुरा। प्रमाणीकरण किसी भी वेब एप्लिकेशन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है क्योंकि यह उपयोगकर्ता की पहचान सत्यापित करता है तथा संरक्षित संसाधनों तक पहुंच को नियंत्रित करता है। प्रमाणीकरण की दुनिया में “स्टेटलेस” का अर्थ एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें सर्वर अनुरोधों के बीच कोई सत्र स्थिति बनाए नहीं रखता। स्टेटलेस प्रमाणीकरण प्रणाली में प्रत्येक अनुरोध स्व-निहित होता है और इसमें उपयोगकर्ता या संस्था को प्रमाणित और अधिकृत करने के लिए सभी आवश्यक जानकारी शामिल होती हैं। यह बातें राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, मथुरा के एमसीए विभाग द्वारा जेडब्ल्यूटी-बेस्ड ऑथेन्टिकेशन (फुल स्टैक डेवलपर) विषय पर आयोजित विशेष तकनीकी कार्यशाला में स्किलयार्ड्स (एक अग्रणी प्रशिक्षण संस्था) के प्रमाणित टेक्निकल ट्रेनर ने छात्र-छात्राओं को बताईं।
वर्कशॉप में छात्र-छात्राओं को जेडब्ल्यूटी (जेसन वेब टोकन) की संरचना, निर्माण, सत्यापन और सुरक्षित उपयोग की जानकारी भी दी गई। ट्रेनर ने बताया कि जेडब्ल्यूटी तीन भागों—हेडर, पेलोड और सिग्नेचर से मिलकर बनता है और इसका उपयोग वेब एप्लिकेशन में दावे सुरक्षित रूप से व्यक्त करने के लिए किया जाता है। उन्होंने जेडब्ल्यूटी के स्टेटलेस ऑथेन्टिकेशन, स्केलेबिलिटी और सुरक्षा जैसे लाभों पर प्रकाश डाला। इसके साथ ही ट्रेनर ने डेमो के माध्यम से जेडब्ल्यूटी जनरेशन, सिग्नेचर वैलिडेशन और एपीआई में इसके उपयोग की विधियां भी प्रदर्शित कीं। ट्रेनर ने छात्र-छात्राओं को जेडब्ल्यूटी के क्लाइंट-साइड स्टोरेज (लोकल स्टोरेज, कुकीज़ आदि), एपीआई रिक्वेस्ट्स में इसके इंटीग्रेशन और फ्रंटएंड-बैकएंड संचार के सुरक्षा मानकों के बारे में भी जागरूक किया।
संस्थान के ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट प्रमुख डॉ. विकास जैन ने बताया कि छात्र-छात्राओं के लिए यह कार्यशाला काफी उपयोगी रही। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक तकनीकी युग में सिर्फ कोडिंग आना पर्याप्त नहीं है बल्कि सुरक्षा मानकों की समझ भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला ने छात्र-छात्राओं की न केवल तकनीकी जानकारी को समृद्ध किया बल्कि उन्हें एक इंडस्ट्री-रेडी प्रोफेशनल बनने की दिशा में भी प्रेरित किया।
आर.के. एजूकेशनल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, उपाध्यक्ष पंकज अग्रवाल, प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल एवं संस्थान के निदेशक डॉ. अभिषेक सिंह भदौरिया ने कार्यशाला की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की तकनीकी गतिविधियां छात्र-छात्राओं को वर्तमान इंडस्ट्री की मांगों के अनुरूप विकसित करने में अहम भूमिका निभाती हैं। डॉ. अभिषेक सिंह भदौरिया ने अपने संदेश में कहा कि राजीव एकेडमी का उद्देश्य सिर्फ शिक्षा देना नहीं बल्कि छात्र-छात्राओं को समग्र रूप से तकनीकी और व्यावसायिक रूप से सशक्त बनाना है।
डॉ. भदौरिया ने कहा कि जेडब्ल्यूटी जैसी आधुनिक तकनीकों पर आधारित वर्कशॉप से छात्र-छात्राओं को वह ज्ञान और कौशल प्राप्त होता है जो उन्हें कॉर्पोरेट वर्ल्ड में प्रतिस्पर्धी बनाए रखता है। इस कार्यशाला में छात्र-छात्राओं को वेब सिक्योरिटी और यूज़र ऑथेन्टिकेशन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण ज्ञान से अवगत कराया गया। डॉ. भदौरिया ने कहा कि संस्था भविष्य में भी इस प्रकार के प्रैक्टिकल-ओरिएंटेड तकनीकी विषयों पर वर्कशॉप्स आयोजित करती रहेगी ताकि विद्यार्थी फ्यूचर-रेडी प्रोफेशनल्स के रूप में उभर सकें।

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