ध्वनि प्रदूषण

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निरंतर
औद्योगिक विकास,
अति आधुनिकीकरण प्यास।

जनसंख्या वृद्धि से
पृथ्वी हुई उदास,
चतुर्दिक शोर का हो रहा है निवास।

अधिक शहरीकरण का प्रयास,
नित नवीन यंत्रीकरण का विकास।
अशांत मस्तिष्क से
तन मन का ह्रास।

ध्वनि प्रदूषण,
मनुज निर्मित्त विनाश।
अवांछित ध्वनि त्रास,
श्रवण शक्ति का ह्रास।

जैव विलुप्तीकरण कयास,
ध्वनि प्रदूषण संत्रास।
अपेक्षित संयुक्त प्रयास,

शावर भकत ’भवानी’
वृन्दावन

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