आगरा। आगरा पुलिस को अवैध शराब तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना ट्रांस यमुना पुलिस टीम ने चेकिंग और गश्त के दौरान एक अंतर्राज्यीय गैंग का भंडाफोड़ करते हुए दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से भारी मात्रा में अवैध अंग्रेजी शराब, तस्करी में इस्तेमाल किया जा रहा ट्रक, मोबाइल फोन और नगदी बरामद की है।
जानकारी के अनुसार, 10 अगस्त 2026 को थाना ट्रांस यमुना पुलिस टीम अपने क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए चेकिंग और गश्त पर थी। इसी दौरान पुलिस को एक विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि झरना नाले के पास, फिरोजाबाद की तरफ जाने वाले हाईवे पर रोड के किनारे एक ट्रक खड़ा है। मुखबिर ने बताया कि इस ट्रक में पंजाब मार्का की अवैध अंग्रेजी शराब भारी मात्रा में भरी हुई है, जिसे तस्करी के जरिए बिहार राज्य में सप्लाई करने की योजना है।सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए त्वरित कार्रवाई की। उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराते हुए पुलिस टीम बताए गए स्थान पर पहुंची और घेराबंदी कर ट्रक समेत दो अभियुक्तों को दबोच लिया।
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों के कब्जे से अवैध शराब: कुल 415 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब (पंजाब मार्का), जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 45 लाख रुपये बताई जा रही है। यह शराब ट्रक में धान की भूसी के बोरों के नीचे छिपाकर रखी गई थी।घटना में प्रयुक्त 01 ट्रक,02 मोबाइल फोन और 4,580/- रुपये नकद।
पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान डालूराम और नानगाराम के रूप में हुई है। पुलिस ने बरामदगी और गिरफ्तारी के आधार पर थाना ट्रांस यमुना में मु०अ०सं० 278/2026 के तहत आबकारी अधिनियम की धारा 60, 63, और 72 के तहत मामला पंजीकृत कर लिया है।पूछताछ में खुलासा हुआ कि अभियुक्तों को 50,000 प्रति चक्कर मिलता था कमीशन पुलिस टीम द्वारा की गई कड़ी पूछताछ में अभियुक्तों ने शराब तस्करी के इस पूरे खेल का पर्दाफाश किया। अभियुक्तों ने बताया कि इस पूरे गिरोह का मालिक ‘विजय’ है, जो बहादुरगढ़ (हरियाणा) का रहने वाला है। वे दोनों विजय के मैनेजर ‘दीपक उर्फ दीपाराम’ के इशारे पर काम करते हैं।मैनेजर दीपक पंजाब से सस्ते दामों पर यह अंग्रेजी शराब खरीदता है और फिर उसे बिहार भेजकर ऊंचे दामों पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाता है। अभियुक्त डालूराम ने बताया कि वह पिछले 6 सालों से दीपक के यहाँ ड्राइवर के रूप में काम कर रहा है, जबकि नानगाराम उसका हेल्पर है।तस्करी के तरीके के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि मैनेजर दीपक ने उन्हें शराब से भरा यह ट्रक सहानपुर में बुलाकर सौंपा था। वे दोनों व्हाट्सएप के जरिए दीपक से लगातार संपर्क में थे। दीपक ने उन्हें निर्देश दिया था कि बिहार पहुंचने पर वह खुद उन्हें फोन करके बताएगा कि शराब की डिलीवरी कहाँ और किसे देनी है। इस अवैध काम के बदले मैनेजर दीपक ड्राइवर डालूराम को 50 हजार रुपये और हेल्पर नानगाराम को 20 हजार रुपये प्रति चक्कर देता था।पुलिस अब इस गिरोह के मुख्य सरगना विजय और मैनेजर दीपक की तलाश में जुट गई है, ताकि इस अंतर्राज्यीय नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।

