स्वस्थ और सुखी रहना है तो प्रकृति से छेड़छाड़ न करेः अनिता

चित्र परिचयः संस्कृति विश्वविद्यालय के संतोष मैमोरियल सभागार में संस्कृति आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एण्ड हास्पिटल तथा स्कूल ऑफ एग्रिकल्चर के संयुक्त तत्वावधान में अर्चना योगायतन, नई दिल्ली के द्वारा “ऋषि विद्या कृषि विद्या” पर एक कार्यशाला में संस्कृति आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा.मोहनन को सम्मानित करतीं समाजिक कार्यकत्री, मुख्य अतिथि श्रीमती अनिता चतुर्वेदी।

संस्कृति विवि में आयोजित हुई “ऋषि विद्या कृषि विद्या” पर कार्यशाला
मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय के संतोष मैमोरियल सभागार में संस्कृति आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एण्ड हास्पिटल तथा स्कूल ऑफ एग्रिकल्चर के संयुक्त तत्वावधान में अर्चना योगायतन, नई दिल्ली के द्वारा “ऋषि विद्या कृषि विद्या” पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में मुख्य अतिथि श्रीमती अनिता चतुर्वेदी ने कहा कि आज प्रकृति से छेड़छाड़ करने का बहुत बुरा परिणाम हमारी मानवता पर पड़ रहा है। पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है और जब तक हम अपनी प्रकृति की रक्षा नहीं करेंगे तब तक यह स्थिति नहीं बदलेगी।
अनेक समाजिक संस्थाओं से जुड़ी श्रीमती अनिता ने बताया कि मैं अपने जीवन में भी अधिक से अधिक प्रकृति प्रदत्त चीजों का इस्तेमाल करती हूं। भारतीय आयुर्वेद हमारे ऋषियों की देन है, हम सबको उसके अनुसार अपने जीवन को स्वस्थ बनाए रखने में बड़ी मदद मिल सकती है। आज सारा विश्व जब आयुर्वेद को बड़ी उम्मीद के रूप में देख रहा है। अपने प्राचीन व परम्परागत प्राकृतिक विज्ञान के माध्यम से ही शुद्ध आहार उपलब्ध हो सकता है जिससे हम सभी स्वस्थ रहते हुए समाज में अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। इस अवसर पर कृषि विभाग मथुरा के सत्यवीर जी ने प्राकृतिक कृषि विद्या को अपनाने तथा उसे सामान्य कृषक तक इस कृषि विद्या को पहुंचाने पर बल दिया ।
अर्चना योगायतन, नई दिल्ली के निदेशक और योग गुरु डॉ सत्यनारायण यादव ने प्राकृतिक यौगिक शैली का सभागार में उपस्थित सभी लोगों को अभ्यास कराया एवं व्यावहारिक और परम्परागत विज्ञान के बारे में बहुत उपयोगी जान‌कारियां दी । कार्यशाला में डा. सत्यनरायण ने वर्कशाप में बताई जानकारियों के आधार पर विद्यार्थियों से पांच प्रश्न किए तथा उत्तर बताने वाले विद्यार्थियों को टी शर्ट प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर संस्कृति आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ एम. मोहनन् ने पारम्परिक ऋषि विद्या की महत्ता बताई और कहा कि इसे अपनाने पर हम अपना व राष्ट्र का कल्याण करने में सक्षम होंगे। कॉलेज की उपप्राचार्या डॉ एकता कपूर ने सभी अतिथियों का विशेष रूप से परिचय कराया। श्री सुधिष्ट मिश्र के स्वागत भाषण और विद्यार्थियों द्वारा सरस्वती वंदना के साथ कार्य़शाला का शुभारंभ किया गया । बी.ए.एम.एस. की छात्रा सुश्री जाह्नवी ने कार्यक्रम का सञ्चालन किया । इस अवसर पर पी.जी. सङ्कायाध्यक्षा डॉ अनीश तथा कालेज के सभी गणमान्य प्राध्यापकगण उपस्थित रहे । कार्यक्रम के अन्त में छात्रों व प्राध्यापकों द्वारा परिसर में वृक्षारोपण किया गया ।

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