रायबरेली ब्यूरो धीरेन्द्र शुक्ल की रिपोर्ट
रायबरेली: उत्तर प्रदेश के रायबरेली जनपद में सरकारी धन के बंदरबांट और भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। ताजा मामला जिला पंचायत द्वारा ऊंचाहार देहात के अलीगंज में बनाए जा रहे नाले का है, जिसे लगभग 18 लाख रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है। आरोप है कि इस विकास कार्य में दोनों हाथों से सरकारी धन की लूट मची है और निर्माण मानकों को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, नाले के निर्माण में बेहद घटिया दर्जे की पीली ईंटों का धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है। इतना ही नहीं, जो मसाला (मोर्टार) तैयार किया जा रहा है, उसमें सीमेंट की मात्रा नाममात्र है, जबकि राख (राखी) का भरपूर प्रयोग किया जा रहा है।
इस धांधली को देखकर स्थानीय जनता में गहरा रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि इतने घटिया निर्माण के कारण यह नाला एक बरसात भी झेल नहीं पाएगा और पहली बारिश में ही ढह जाएगा। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे मामले पर आंखें मूंदे बैठे हैं, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि वे इस सरकारी धन के बंदरबांट में मूकदर्शक बने हुए हैं। ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों से इस मामले की जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

