रायबरेली ब्यूरो धीरेन्द्र शुक्ल की रिपोर्ट
ऊंचाहार (रायबरेली)। क्षेत्र में सरकारी जमीनों और जल स्रोतों पर अवैध कब्जे का खेल धड़ल्ले से जारी है। ताजा मामला पूरे महिपत मजरे सराय हरदो और अकोढिया गांव का है, जहां प्रशासनिक उदासीनता के चलते भू-माफिया सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
पूरे महिपत मजरे सराय हरदो में बेशकीमती सरकारी भूमि पर दबंगों द्वारा अवैध निर्माण कराया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। वहीं, दूसरी तरफ अकोढिया गांव में जल संरक्षण का मुख्य जरिया माने जाने वाले तालाब पर भी भू-माफियाओं ने पैर पसार लिए हैं। तालाब को पाटकर उस पर अवैध कब्जा किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण और ग्रामीणों के सामने जल संकट का खतरा मंडराने लगा है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर किसके शह पर यह अवैध खेल चल रहा है? स्थानीय राजस्व टीम और जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे मामले पर ‘गांधी जी के तीन बंदर’ की भूमिका में नजर आ रहे हैं—यानी सब कुछ देखकर भी अनजान बने हुए हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की तत्काल जांच कराकर अवैध निर्माण को ध्वस्त किया जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।
