राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के अधिवेशन में मथुरा के भी शिक्षकों की समस्याओं पर हुआ मंथन

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मथुरा(शिवशंकर शर्मा)। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का नौवां त्रि वार्षिक अधिवेशन राजस्थान प्रांत की जयपुर जनपद के जामडोली केशव विद्यापीठ में संपन्न हुआ। जिसमें देश के 29 राज्यों के सभी संवर्गों के संगठन पदाधिकारियों ने प्रतिभा किया जिसमें मथुरा से भी शिक्षकनेताओं ने भाग लिया। राष्ट्रीय अधिवेशन का उद्घाटन राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया। डॉक्टर कमल कौशिक वरिष्ठ उपाध्यक्ष राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश ने बताया कि देश भर के शिक्षकों की 22 मुख्य बिंदुओं पर समस्याओं पर मंथन हुआ। जिसका प्रस्ताव बनाकर शीघ्र ही केंद्रीय मंत्रिमंडल के सामने रखा जाएगा। मुख्य रूप से प्रदेश अध्यक्ष शिव शंकर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाल में ही शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता के संबंध में दिए गए फैसले से 2011 के पूर्व नियुक्त शिक्षकों की सेवा सुरक्षा एवं पदोन्नति की मांग का प्रस्ताव रखा। गोवर्धन दास गुप्ता मथुरा जिला मीडिया प्रमुख ने कहा हमारे संगठन द्वारा 1 जनवरी 2004 से पूर्व की पुरानी पेंशन योजना सभी शिक्षकों के लिए लागू की जाए। शिक्षकों से केवल शिक्षण कार्य कराया जाए अन्य कार्यों से मुक्त रखा जाए जोरदार ढंग से उठाया। केंद्रीय नेतृत्व ने शीघ्र ही इस समस्याओं का भारत सरकार से समाधान करने का आश्वासन दिया अधिवेशन में प्रतिभा करने वाले वीरेंद्र कुशवाहा ,सोनल शर्मा,अंजना शर्मा, नेम सिंह,हेमराज सिंह, इंद्रपाल सिंह, गोवर्धन दास गुप्ता, शिखा मिश्रा, गुरूप्यारी सत्संगी, जोगेंद्र सिंह, पवन कुमार , वीरेंद्र शर्मा, आदि पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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